चंदौली में फिर जलप्लावन, गेहूं की फसल डूबी, किसानों में आक्रोश

चंदौली जनपद से खबर है, जहां एक बार फिर जलप्लावन की स्थिति उत्पन्न हो गई है। गोविंदीपुर रजवाहा का पानी केरायगांव माइनर के रास्ते मानिकपुर और केरायगांव में फैल गया, जिससे गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। मानिकपुर में लगभग दस बीघा तथा केरायगांव में करीब बीस बीघा गेहूं की फसल पानी में डूब गई है।बताया जा रहा है कि अभी दो दिन पहले ही खेतों में जलभराव हुआ था और अब दोबारा पानी फैलने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। ऊपर सेमरां फाल और रामपुर फाल पर पानी की अधिक मांग को देखते हुए फाल पर बेंड़ा लगाया गया था, ताकि नीचे के किसानों को नुकसान न पहुंचे, लेकिन बेंड़े से रिसाव होने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में पहुंच गया।किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए फोटो और वीडियो के माध्यम से सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता राकेश तिवारी तथा अवर अभियंता रत्नेश यादव को अवगत कराया। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने अधिशासी अभियंता से कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि सिंचाई विभाग का स्टाफ सिर्फ नहर चलाना जानता है, निगरानी करना नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारी रजाई में रहते हैं और किसानों का गेहूं बार-बार डूबता रहे, इसकी उन्हें परवाह नहीं है।राम अवध सिंह ने यह भी कहा कि इस नुकसान की भरपाई कराने के लिए जिलाधिकारी के समक्ष कलेक्ट्रेट में सिंचाई विभाग के खिलाफ मांग रखी जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सिंचाई कर्मचारी प्रमोद और सत्यप्रकाश को मौके के निरीक्षण और पानी रोकने के लिए मानिकपुर और केरायगांव भेजा।



