चंदौली में शंकराचार्य पर दर्ज मुकदमे के विरोध में कांग्रेस का ज्ञापन

चंदौली (यूपी)। जिला कांग्रेस कमेटी चंदौली द्वारा जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी के नेतृत्व में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर सरकार के इशारे पर फर्जी मुकदमा पंजीकृत कराए जाने के विरोध में जिलाधिकारी चंदौली के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना ने कहा कि भाजपा सरकार ने शंकराचार्य को संगम स्नान से रोककर तथा ब्रह्मचारी बटुकों की शिखा उखाड़कर उनके साथ मारपीट की और शंकराचार्य सहित उनके शिष्यों पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे सनातन धर्म का अपमान हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में अंग्रेजों का शासन सबसे क्रूर माना जाता रहा, लेकिन अंग्रेजों ने भी कभी शंकराचार्य को संगम स्नान से नहीं रोका।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार के लोगों का नाम एप्स्टीन फाइल में आने के बाद सरकार की कार्यशैली उजागर हो गई है। सरकार फूट डालो और राज करो की नीति पर चल रही है, जिसका उदाहरण यूजीसी के प्रावधान हैं।
निष्पक्ष जांच और मुकदमा वापस लेने की मांग जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार किसी की भी सही बात सुनना नहीं चाहती और आवाज दबाने का कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के विरुद्ध मुखर होकर अपनी बात रखने वाले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों को अनावश्यक रूप से परेशान और प्रताड़ित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि एक ओर कुंभ में शंकराचार्य को स्नान से रोका गया और उनके शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार किया गया, वहीं अब एक आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति द्वारा सरकार के इशारे पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है, जो धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल प्रभाव से फर्जी मुकदमा वापस लिया जाए तथा झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले व्यक्ति के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। अन्यथा कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगी।




