Chandauli News-28 दिन बीते, सुराग शून्य:एसपी की ‘स्पेशल 9’ भी नहीं खोज पाई रोहिताश पाल हत्याकांड के शूटर

पीडीडीयू नगर: चंदौली जिले के पीडीडीयू नगर के चर्चित दवा व्यवसायी रोहिताश पाल हत्याकांड को आज 28 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन शूटरों तक पहुंचने में पुलिस अब भी खाली हाथ है। एसपी द्वारा गठित की गई स्पेशल 9 की तेजतर्रार टीम भी अब तक सिर्फ जांच के दावे ही करती नजर आ रही है, नतीजा सिफर है।
हत्या के बाद पुलिस ने साजिश के आरोप में नगर के तीन व्यापारियों को जेल भेजकर जरूर राहत की सांस ली, लेकिन इससे न तो शूटर मिले और न ही आमजन का भरोसा पूरी तरह लौटा। व्यापारियों का आक्रोश भले ही शांत हो गया हो, मगर शहर में यह चर्चा तेज है कि कहीं यह हत्याकांड भी मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र की अन्य अनसुलझी हत्याओं की फेहरिस्त में तो शामिल नहीं हो जाएगा।
जिले में ऐसी कई हत्याएं हैं, जिनका आज तक खुलासा नहीं हो सका। हालिया उदाहरण जून 2024 के बाद सामने आया, जब 10 अगस्त 2024 को चंदासी पुलिस चौकी के सामने सड़क पार बाइक मिस्त्री ओमप्रकाश गुप्ता की चलती बाइक पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शूटर इतना सटीक निशानेबाज था कि वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। एक साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी न शूटर मिला, न कोई ठोस सुराग। उस मामले में भी सीसीटीवी पुलिस के किसी काम नहीं आ सके।
इसी कड़ी में 17 सितंबर 2025 को मोहम्मदपुर गांव में एक मकान के कमरे से 65 वर्षीय चमौली देवी का शव मिला। सिर पर गंभीर चोट के निशान थे, पास में खून सनी ईंट पड़ी थी, लेकिन मामला अब तक फाइलों में ही सिमटा है।
अब सवाल यह है कि रोहिताश पाल हत्याकांड भी क्या समय के साथ पुलिस रिकॉर्ड में “जांच जारी है” की लाइन तक ही सीमित रह जाएगा?शहर को जवाब चाहिए, क्योंकि 28 दिन बाद भी शूटरों का न मिलना पुलिस की सक्रियता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।



