Chandauli News-AIMIM नेता संजय सिंह प्रधान ने उठाए गंभीर मुद्दे,मिट मंडी और पॉलिटेक्निक कॉलेज की बदहाली पर प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को घेरा

जनपद चंदौली में AIMIM पार्टी के पूर्वांचल सचिव संजय सिंह प्रधान ने अपने निजी आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने मांस–मछली (मिट) मंडी, मुर्गे की दुकानों को उजाड़े जाने और चंदौली स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज की बदहाल स्थिति को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्रेस वार्ता के दौरान संजय सिंह प्रधान ने कहा कि शासन द्वारा मिट मंडी और मुर्गे की दुकानों को हटाया जाना न्यायसंगत नहीं है। जिस प्रकार प्रशासन ने सब्जी मंडी के लिए वैकल्पिक स्थान निर्धारित किया है, उसी तरह मछली और मिट मंडी के लिए भी उचित स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि हाल ही में उजाड़ी गई दुकानों के दुकानदारों और उनके परिवारजनों से उनकी मुलाकात हुई, जो रोते-बिलखते अपनी पीड़ा बता रहे थे। दुकानदारों का कहना है कि यही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है, जिससे वे अपने परिवार का पालन-पोषण और बच्चों की पढ़ाई कराते हैं।AIMIM नेता ने जिला प्रशासन से मांग की कि उजाड़े गए दुकानदारों को तत्काल मंडी के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे दोबारा अपना रोजगार शुरू कर सकें।इसके साथ ही उन्होंने चंदौली स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज की जर्जर हालत पर भी सवाल उठाए। संजय सिंह प्रधान ने कहा कि कॉलेज के भवन अत्यंत खराब स्थिति में हैं, दीवारें टूटी हुई हैं, सरिया बाहर दिखाई दे रहा है तथा खिड़की-दरवाजे भी जर्जर अवस्था में हैं। उन्होंने बताया कि इस पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना देश के वरिष्ठ नेता पंडित कमलापति त्रिपाठी द्वारा की गई थी, लेकिन आज इसकी स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है।उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह, साधना सिंह, मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने कभी भी इस कॉलेज की दुर्दशा का मुद्दा लखनऊ या सदन में गंभीरता से नहीं उठाया। जबकि इसी संस्थान से जेई और इंजीनियर तैयार होते हैं, जो जिले और प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।AIMIM के पूर्वांचल सचिव ने जिले के तीनों सांसदों, सदर विधायक सहित सभी जनप्रतिनिधियों से मांग की कि इन समस्याओं पर तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो चंदौली की जनता आंदोलन के लिए मजबूर होगी और जिला मुख्यालय पर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता अब चुप नहीं बैठेगी और अपने हक के लिए सड़क से लेकर आंदोलन तक जाने को तैयार है।



