Blog

वाराणसी जोन पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था सुदृढ़ीकरण एवं जन सुरक्षा हेतु की जा रही प्रमुख कार्यवाहियाँ


वाराणसी जोन पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने, जन सुरक्षा सुनिश्चित करने, तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने एवं विभिन्न जनोन्मुख गतिविधियों के माध्यम से शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा अपराध नियंत्रण हेतु निरंतर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।
1. साइबर अपराध की रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही
वर्तमान परिदृश्य में साइबर अपराध पुलिस विभाग के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण चुनौती है। इसकी रोकथाम हेतु जोन के समस्त जनपदों द्वारा 24×7 (8-8 घंटे की शिफ्ट में) सतत एवं प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।
एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल के माध्यम से किसी भी साइबर फ्रॉड की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित जनपद के साइबर सेल द्वारा बैंकों को Sent to Intermediary Push के माध्यम से खातों को तत्काल फ्रीज कराने की कार्यवाही की जाती है।
पूर्व में इस प्रक्रिया में 8 से 10 घंटे का समय लगता था, जो अब त्वरित कार्यवाही के कारण घटकर औसतन 20 मिनट से भी कम हो गया है।
दिनांक 22.01.2026 को—
जनपद जौनपुर द्वारा मात्र 02 मिनट 38 सेकंड में Push की कार्यवाही की गई।
जनपद गाजीपुर द्वारा अधिकतम 01 घंटा 18 मिनट में कार्यवाही पूर्ण की गई।
वर्तमान में फ्रॉड की धनराशि के फ्रीज/बैंक में होल्ड (Lien राशि) का प्रतिशत 26% से अधिक हो चुका है। लियन प्रतिशत के संबंध में वाराणसी जोन ने प्रदेश में दिसंबर माह में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
इसके अतिरिक्त, चोरी/गुम हुए मोबाइल फोन को CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के माध्यम से बरामद कराने में वाराणसी जोन को प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है।
2. साइट्रेन (CITReN) प्रशिक्षण कार्यक्रम
साइट्रेन प्रशिक्षण के अंतर्गत वाराणसी जोन में कुल 4284 पुलिस कर्मियों को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है तथा यह प्रक्रिया निरंतर जारी है।
साइट्रेन कोर्स के अंतर्गत निम्नलिखित तीन मॉड्यूल सम्मिलित हैं—
रिस्पॉण्डर ट्रैक
इन्वेस्टीगेशन ट्रैक
फॉरेंसिक ट्रैक
3. नवाचार (Innovative Practices)
नवाचार के अंतर्गत जोन कार्यालय के सभागार में प्रतिदिन ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से साइबर अपराध से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जोन के सभी जनपदों द्वारा आपसी समन्वय स्थापित कर साइबर अपराधों से संबंधित सूचनाओं का परस्पर आदान-प्रदान किया जा रहा है।
साइबर अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु निम्नलिखित पोर्टलों का उपयोग किया जा रहा है—
प्रतिबिम्ब
सहयोग
समन्वय
एनसीआरपी
सीईआईआर
आईसीजेएस
4. दुर्घटना रहित जनपद (Zero Fatality District) योजना
वाराणसी जोन में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु को न्यूनतम करने एवं शून्य की ओर अग्रसर करने के उद्देश्य से दुर्घटना रहित जनपद योजना के अंतर्गत एक विस्तृत अभियान प्रारंभ किया गया है।
इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद में निम्न बिंदुओं को चिन्हित किया गया है—
क्रिटिकल कॉरिडोर्स
क्रिटिकल क्रैश प्रोन लोकेशन्स
ट्रैफिक वॉयलेन्स युक्त क्रिटिकल लोकेशन्स
क्रिटिकल पुलिस स्टेशन
क्रिटिकल मंथ्स
क्रिटिकल कॉरिडोर टीमें
देश में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु को घटाने एवं शून्य की ओर अग्रसर करने हेतु वाराणसी जोन निरंतर प्रयासरत है।
5. सड़क सुरक्षा हेतु भौतिक एवं तकनीकी उपाय
जोन के जनपदों में—
50 क्रिटिकल कॉरिडोर पर 84 सीसीटीवी टीमों का गठन किया गया है।
कुल 356 क्रिटिकल क्रैश लोकेशन्स चिन्हित की गई हैं।
71 स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु कट, कर्व, मोड़ एवं जंक्शन पर 662 साइनेज बोर्ड लगाए गए हैं।
131 खतरनाक कट चिन्हित कर बंद कराए गए हैं।
6. मिशन शक्ति – महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण
मिशन शक्ति केंद्र महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण हेतु उत्तर प्रदेश शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इस उद्देश्य से थानों पर मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना की गई है।
मिशन शक्ति पूर्णतः महिला केंद्रित कार्य प्रणाली है, जिसके अंतर्गत पीड़िता के थाने पर आगमन से लेकर मानसिक एवं शारीरिक रूप से पूर्णतः सशक्त होने तक 360 डिग्री काउंसलिंग, मार्गदर्शन, सहयोग एवं संरक्षण प्रदान किया जाता है।
महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा हेतु वाराणसी जोन में—
958 महिला बीट
थानों पर 188 मिशन शक्ति केंद्र/महिला हेल्पडेस्क स्थापित हैं।
7. गौतस्करी रोकथाम हेतु विशेष अभियान
गौतस्करी की रोकथाम हेतु जोन के समस्त जनपदों में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत—
431 अभियोग पंजीकृत किए गए।
1,090 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई।
3,434 गोवंश एवं 398 वाहन बरामद किए गए।
इसके अतिरिक्त—
120 अभियुक्तों के विरुद्ध गुंडा एक्ट
355 अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट
123 अभियुक्तों के विरुद्ध एचएस
96 गैंग पंजीकरण की कार्यवाही की गई है।
अपराधियों के वित्तीय लेन-देन के बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर उनके संरक्षकों के विरुद्ध भी कठोर कार्यवाही की जा रही है।
8. माफिया एवं अपराधियों के विरुद्ध निरंतर कार्यवाही
वाराणसी जोन में अपराध मुक्त व्यवस्था स्थापित करने हेतु माफिया एवं संगठित अपराधियों के विरुद्ध निरंतर, सख्त एवं प्रभावी कार्यवाही प्रचलित है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button