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चंदौली मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में बड़ी उपलब्धि: दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) सर्जरी सहित अत्याधुनिक सुविधाएँ शुरू

चंदौली जिले के बाबा किनाराम स्वशासी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पंडित कमलापति त्रिपाठी चिकित्सालय के सर्जरी विभाग में बड़ी प्रगति हुई है। विभाग को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए डॉक्टरों की व्यापक तैनाती की गई है। अब विभाग में कुल 10 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम नियमित रूप से मरीजों को सेवाएँ देगी।सर्जरी विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HOD) डॉ. आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में विभाग को नए स्वरूप में विकसित किया गया है। तैनात डॉक्टरों में शामिल हैं—डॉ. शिवम बिंद, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. मयंक मिश्रा, डॉ. विनीत पांडेय, डॉ. रंजीत मौर्य, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. नैंसी पारुल और डॉ. एस. शाह।


🔹 नियमित ओपीडी शेड्यूल

सोमवार एवं गुरुवार:

डॉ. आलोक त्रिपाठी

डॉ. शिवम बिंद

डॉ. सुनील कुमार

मंगलवार एवं शुक्रवार:

डॉ. मयंक मिश्रा

डॉ. विनीत पांडेय

डॉ. रंजीत मौर्य

बुधवार एवं शनिवार:

डॉ. प्रवीण कुमार

डॉ. राहुल सिंह

डॉ. नैंसी पारुल

डॉ. एस. शाह


🔹 अब उपलब्ध प्रमुख सर्जरी

सर्जरी विभाग में अब सभी प्रमुख ऑपरेशन आधुनिक तकनीक से किए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं—

हर्निया ऑपरेशन

पेट से संबंधित प्रमुख सर्जरी

पित्ताशय की सर्जरी

अपेंडिक्स ऑपरेशन

गुर्दा (किडनी) से संबंधित जटिल सर्जरी

सभी प्रक्रियाएँ अब लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन विधि) से की जा रही हैं, जिससे मरीजों को—
✔ कम दर्द
✔ कम रक्तस्राव
✔ तेजी से रिकवरी
जैसे बड़े लाभ मिल रहे हैं।


🔹 विभागाध्यक्ष और प्रबंधन का बयान

HOD डॉ. आलोक त्रिपाठी ने कहा—
“सर्जरी विभाग को पूरी तरह आधुनिक बनाया गया है। पहले हर्निया और पेट के ऑपरेशन बनारस में कराने पड़ते थे, लेकिन अब ये सभी सर्जरी चंदौली में ही आधुनिक दूरबीन तकनीक से सफलतापूर्वक की जा रही हैं। किडनी ऑपरेशन की सुविधा शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।”

वाइस प्रिंसिपल डॉ. नैंसी पारुल ने कहा—
“सरकार की मंशा के अनुरूप लोगों को निशुल्क और उन्नत चिकित्सा सुविधा देना हमारी प्राथमिकता है। मेडिकल कॉलेज की सेवाओं को लगातार सशक्त किया जा रहा है।”

प्रिंसिपल डॉ. अमित सिंह ने बताया—
“सर्जरी विभाग में अत्याधुनिक ओटी, आधुनिक उपकरण, लेप्रोस्कोपिक सेटअप और अनुभवी डॉक्टरों की टीम उपलब्ध है। अब मरीजों को बड़े शहरों या झोलाछाप चिकित्सकों के पास जाने की जरूरत नहीं है।”


🔹 स्थानीय मरीजों को बड़ी राहत

सर्जरी विभाग की उन्नत सुविधाएँ जिले के हजारों मरीजों के लिए राहत लेकर आई हैं। अब जटिल सर्जरी के लिए बनारस या अन्य शहरों पर निर्भरता काफी हद तक खत्म हो जाएगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

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