किसानों की समस्याओं पर गरजे भाकियू टिकैत के कन्हैया मौर्या, प्रमुख सचिव कृषि के सामने उठाई मांगें
वाराणसी। वाराणसी के संकुल भवन में आयोजित संयुक्त मंडलीय कृषि उत्पादकता गोष्ठी में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने चंदौली के किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। गोष्ठी की अध्यक्षता प्रमुख सचिव कृषि ने की। इसमें वाराणसी, प्रयागराज और विंध्य मंडल के विभिन्न जिलों के किसान और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
इस दौरान भाकियू टिकैत के तहसील अध्यक्ष कन्हैया मौर्या ने चंदौली के किसानों की समस्याओं को प्रमुख सचिव कृषि के समक्ष पुरजोर तरीके से रखा। उन्होंने कहा कि बाढ़ से फसल बर्बाद होने पर किसानों को महज लगभग एक हजार रुपये मुआवजा मिला, जबकि धान की रोपाई में ही 10 से 12 हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। उन्होंने मुआवजे की राशि बढ़ाकर 12 हजार रुपये करने की मांग की।
उन्होंने हाल ही में तूफान से प्रभावित फसलों का तत्काल सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा देने, सिंचाई विभाग के वाराणसी से संचालित कार्यालयों को चंदौली स्थानांतरित करने तथा वाण सागर परियोजना की फाइल आगे बढ़ाने की मांग की, ताकि चकिया, शिकारगंज और नौगढ़ क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके।
कन्हैया मौर्या ने विंध्य एक्सप्रेसवे में किसानों की उपजाऊ जमीन जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन बचाने के लिए वैकल्पिक रास्ता तलाशा जाए, अन्यथा जनपद का धान का कटोरा प्रभावित हो सकता है।
इस पर प्रमुख सचिव कृषि ने जिले के अधिकारियों को किसानों की समस्याओं पर जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही आश्वासन दिया कि चंदौली आकांक्षी जिला है और यहां के किसानों की समस्याओं की वह स्वयं निगरानी करेंगे।
