चंदौली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोकभवन से उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम यानी UPCOS की आधिकारिक वेबसाइट, पोर्टल और प्रतीक चिह्न का शुभारंभ किया। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य प्रदेश के 2.70 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को पारदर्शी व्यवस्था का लाभ पहुंचाना और बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करना है।नई व्यवस्था के तहत सरकारी विभाग अपनी मैनपावर की मांग सीधे UPCOS पोर्टल पर दर्ज कराएंगे। मैनपावर सप्लाई एजेंसियों का पंजीकरण भी अनिवार्य होगा। वहीं आउटसोर्स कर्मियों को हर माह की 5 तारीख तक सीधे उनके बैंक खाते में मानदेय मिलने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही ईपीएफ, ईएसआईसी और मेडिकल कवर जैसी सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी सुनिश्चित किया जाएगा।कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग की योजनाओं के तहत लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए गए। कन्या विवाह सहायता योजना के तहत छह श्रमिकों को कुल 3 लाख 90 हजार रुपये, जबकि मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के तहत चार लाभार्थियों को 1 लाख 14 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए।राज्यसभा सांसद साधना सिंह ने कहा कि UPCOS की शुरुआत से आउटसोर्सिंग व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों के आर्थिक शोषण पर रोक लगेगी। विधायक सुशील सिंह ने इसे आउटसोर्स कर्मियों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।वहीं जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुरूप जनपद में UPCOS पोर्टल का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा और आउटसोर्सिंग से जुड़ी प्रक्रियाएं डिजिटल एवं पारदर्शी तरीके से संचालित होंगी।इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण चंदौली के कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। यहां राज्यसभा सांसद साधना सिंह, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई, पीडीडीयू नगर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी चंद्र प्रकाश सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी मौजूद रहे।
