चन्दौली -नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) की ओर से आयोजित ‘रंगीला मिल्किंग प्रतियोगिता-2026’ का आयोजन बीएचयू हैलीपैड प्रांगण में किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों से पशुपालकों ने गाय, भैंस और बकरियों के साथ प्रतिभाग किया। इसका उद्देश्य बेहतर दुग्ध उत्पादन करने वाले पशुओं और पशुपालकों को प्रोत्साहित करना रहा।प्रतियोगिता के दौरान पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता का निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षण किया गया। इसमें चंदौली जिले के पशुपालक मु. राशिद अली और उनके भाई साजिद अली ने अदुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता में चंदौली के राशिद अली की भैंस ने हासिल किया तीसरा स्थानचंदौली। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) की ओर से आयोजित ‘रंगीला मिल्किंग प्रतियोगिता-2026’ का आयोजन बीएचयू हैलीपैड प्रांगण में किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों से पशुपालकों ने गाय, भैंस और बकरियों के साथ प्रतिभाग किया। इसका उद्देश्य बेहतर दुग्ध उत्पादन करने वाले पशुओं और पशुपालकों को प्रोत्साहित करना रहा।प्रतियोगिता के दौरान पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता का निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षण किया गया। इसमें चंदौली जिले के पशुपालक मु. राशिद अली और उनके भाई साजिद अली ने अपनी भैंस के साथ प्रतिभाग किया। परीक्षण में उनकी भैंस ने करीब 22 लीटर 320 मिलीलीटर दूध का उत्पादन दर्ज कराया। इस प्रदर्शन के आधार पर भैंस वर्ग में राशिद अली को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।प्रतियोगिता में स्थान मिलने से पशुपालक परिवार में खुशी का माहौल है। राशिद अली ने बताया कि इस तरह के आयोजन पशुपालकों को अपने पशुओं की क्षमता पहचानने और बेहतर नस्ल के साथ अधिक दुग्ध उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करते हैं।कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पशुपालकों ने अपने अनुभव साझा किए। आयोजकों ने वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन को बढ़ावा देने और दुग्ध उत्पादन से जुड़े पशुपालकों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।पनी भैंस के साथ प्रतिभाग किया। परीक्षण में उनकी भैंस ने करीब 22 लीटर 320 मिलीलीटर दूध का उत्पादन दर्ज कराया। इस प्रदर्शन के आधार पर भैंस वर्ग में राशिद अली को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।प्रतियोगिता में स्थान मिलने से पशुपालक परिवार में खुशी का माहौल है। राशिद अली ने बताया कि इस तरह के आयोजन पशुपालकों को अपने पशुओं की क्षमता पहचानने और बेहतर नस्ल के साथ अधिक दुग्ध उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करते हैं।कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पशुपालकों ने अपने अनुभव साझा किए। आयोजकों ने वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन को बढ़ावा देने और दुग्ध उत्पादन से जुड़े पशुपालकों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
