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चंदौली में NH-19 बना अवैध पार्किंग और अतिक्रमण का हॉटस्पॉट

चंदौली जिला मुख्यालय स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) इन दिनों अव्यवस्था और लापरवाही का शिकार होता जा रहा है। सड़क किनारे और कई जगहों पर बीच सड़क तक बेतरतीब खड़े वाहन अब आम दृश्य बन चुके हैं। अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के कारण यह व्यस्त मार्ग धीरे-धीरे हादसों का गढ़ बनता जा रहा है।सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहन, हर पल हादसे का खतरा
NH-19 पर ट्रकों, ऑटो और निजी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग से यातायात प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर सड़क इतनी संकरी हो गई है कि दो बड़े वाहन एक साथ निकलने में भी दिक्कत होती है। इससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, खासकर रात के समय जब दृश्यता कम होती है।एसपी आकाश पटेल के सख्त निर्देश भी पड़े बेअसर जिले के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल द्वारा पहले भी यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए सख्त निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, जमीनी स्तर पर उन निर्देशों का असर नजर नहीं आ रहा है। स्थानीय पुलिस और संबंधित विभागों की निष्क्रियता सवालों के घेरे में है।जिम्मेदार विभागों की लापरवाही से बढ़ी लोगों की मुश्किलें नगर प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस के बीच समन्वय की कमी साफ दिखाई दे रही है। अतिक्रमण हटाने और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है, जिससे आम जनता की परेशानी लगातार बढ़ रही है।राहगीरों और वाहन चालकों को रोज झेलना पड़ रहा जाम NH-19 से गुजरने वाले लोगों को रोजाना जाम का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चे, ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और व्यापारियों के लिए यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। समय की बर्बादी के साथ-साथ मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।भाजपा पिछड़ा वर्ग उपाध्यक्ष ने प्रशासन से की तत्काल कार्रवाई की मांग भाजपा के पिछड़ा वर्ग उपाध्यक्ष ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी, तो जनता का आक्रोश बढ़ सकता है।चेतावनी—मांगें न मानी गईं तो मामला पहुंचेगा योगी आदित्यनाथ तक उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय प्रशासन ने इस समस्या को नजरअंदाज किया, तो मामला प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक ले जाया जाएगा। इससे यह स्पष्ट है कि मुद्दा अब राजनीतिक रूप भी ले सकता है।बड़ा सवाल—क्या हादसे के बाद ही जागेगा प्रशासन?सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? जब तक कोई गंभीर घटना नहीं होती, तब तक क्या जिम्मेदार विभाग यूं ही चुप्पी साधे रहेंगे?जिला मुख्यालय स्थित NH-19 का पूरा मामला है,कुल मिलाकर, चंदौली का NH-19 अव्यवस्था, लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक बन चुका है। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग समय रहते जागते हैं या फिर किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही कार्रवाई होती है।

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